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हमारे बारे में जानिए

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भारत में, 27 क्षेत्रीय कैंसर केन्द्र (आरसीसीएस) हैं जो अनुसंधान, मानव संसाधन विकास और मरीजों की देखभाल का प्रशिक्षण प्रदान करने के शीर्ष केन्द्र के रूप में कार्य करने के अतिरिक्त समग्र रूप से कैंसर की देखभाल सुविधा प्रदान कर रहे हैं। “कैंसर की देखभाल की अत्याधुनिक तृतीयक सुविधा सह अनुसंधान संस्थान”, नामतः “राष्ट्रीय कैंसर संस्थान” 50 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाना प्रस्तावित है, जो झज्जर, हरियाणा में एम्स के अधीन 300 एकड़ भूमि में स्थित है, एवं एम्स से केवल एक घंटे की दूरी पर है। एन.सी.आई. सर्वोत्तम संभव उपचार प्रोटोकॉल एवं अनुसंधान के बारे में परामर्श देने में राष्ट्रीय नेतृत्व की भूमिका प्रदान करेगा। यह संस्थान देश में कैंसर से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए नोडल संस्थान होगा और देश में सभी आरसीसीएस और अन्य कैंसर केन्द्रों / संस्थानों से संयोजन रखेगा। यह कैंसर के प्रमुख संस्थान के रूप में कार्य करेगा, अनुसंधान एवं विकास और संबंधी क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता क्षेत्रों की पहचान करेगा, अणुजैविकी, जीनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स, कैंसर महामारी विज्ञान, विकिरण जीव विज्ञान, कैंसर के टीके, इत्यादि में मौलिक एवं प्रायोगिक अनुसंधान करेगा। यह विकासशील विश्व के लिए मॉडल कैंसर नियंत्रण कार्यनीतियाँ विकसित करेगा जिसमें रोकथाम, शीघ्र मूल्यांकन और उपचार की नई पद्धतियाँ शामिल होंगी। यह हमारे देश की आवश्यकताओं के आधार पर कैंसर प्रबंधन की विभिन्न शाखाओं में मानव संसाधन के विकास के लिए केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा। प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण के लिए सुविधाएँ होंगी। संस्थान अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में प्रख्यात कैंसर संस्थानों के साथ मिलकर कार्य करेगा।

एन.सी.आई. में 200 बिस्तर होंगे जो उन कैंसरों के उपचार के लिए आरक्षित रहेंगे जो अनुसंधान प्रोटोकॉल पर आधारित हैं। कैंसर के बारे में और अधिक जानने के लिए इसमें उन्नत एवं नवीनतम तकनीक युक्त उपकरण होंगे। एन.सी.आई. की सहायता से अन्य आरसीसीएस/कैंसर केन्द्रों में अनुसंधान किया जाएगा। देश में बढ़ रही रोगियों की संख्या की देखभाल करने के लिए, उसी परिसर में 400 बिस्तरों सहित एक विशिष्ट कैंसर केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस प्रकार, यह देश में अपने प्रकार की एक अद्वितीय सुविधा होगी जिसमें अनुसंधान और नैदानिक सुविधा को एक ही परिसर में स्थापित किया जाएगा

एन.सी.आई. के लक्ष्य:

भारत में कैंसर विज्ञान की संभावनाओं का विस्तार करने के लिए, सामान्य कोशिकाओं को मैलिग्नेंट में परिवर्तित होने के लिए प्रभावित करने वाले जीवन शैली के व्यवहार, आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों के प्रति हमारी समझ को परिभाषित करने के लिए अनुसंधान की आवश्यकता है। मौलिक, नैदानिक एवं कैंसर नियंत्रण महामारी विज्ञान अनुसंधान संचालित करने के लिए समर्पित यह संस्थान भारत में प्रचलित कैंसरों के कारणों एवं प्रक्रिया को समझने में हमारी सहायता करेगा। यह ज्ञान कैंसर संबंधी मामलों को शुरुआत में ही ज्यादा प्रभावी और दक्षतापूर्वक रोकने, पहचान करने और उपचार करने हेतु कार्यनीतियाँ बनाने के लिए हमें सुविधा प्रदान करेगा। कैंसर की बेहतर जानकारी कैंसर की देखभाल सेवाओं की गुणवत्ता और कैंसर से ग्रस्त जीवित रोगियों और उनके परिवारों के जीवन स्तर में सुधार करेगी।

 

यह संस्थान देश में कैंसर से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए शीर्ष संस्थान होगा और देश में सभी आरसीसीएस और अन्य कैंसर केन्द्रों/संस्थानों से संयोजन रखेगा। प्रमुख कैंसर केंद्र के रूप में एन.सी.आई. अणुजैविकी, जीनोमिक्स, प्रोटिओमिक्स, कैंसर महामारी विज्ञान, विकिरण कैंसर विज्ञान, कैंसर के टीके इत्यादि में मौलिक एवं प्रायोगिक अनुसंधान करेगा।

 

यह विकासशील विश्व और नई चिकित्सा पद्धतियों के लिए मॉडल कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम विकसित करेगा। एन.सी.यू. ऐलोपैथिक पद्धति के अतिरिक्त, भारत में ऐतिहासिक रूप से उपलब्ध औषध प्रणाली की वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों की खोज करेगा। यह कैंसर के शीर्ष केंद्र संसाधन के रूप में कार्य करेगा। एन.सी.आई. अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में प्रख्यात कैंसर संस्थान के साथ मिलकर कार्य करेगा।

 

संस्थान में कैंसर की देखभाल की अत्याधुनिक तृतीयक सुविधा के साथ साथ अनुसंधान एवं विकास करना, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण होगा